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toothpaste for dinner

Wednesday, July 8, 2009

मैंने शराब पी हैं

चुभते नही हैं बोल अब
इस शहर के मुझको
इसके लेहज़े में नरमी हैं
...या मैंने मैंने शराब पी हैं

ताउम्र सफर सेहरा में,
होंठ सूखे नही फ़िर भी
ये आँखों में मेरे नमी हैं
...या मैंने मैंने शराब पी हैं

तावीज़ हज़ार मेरे,
लब पे कई दुआएं,
इश्क बड़ा वहमी हैं
...या मैंने मैंने शराब पी हैं

राह पुरखार सही,
आह का नाम नही
क्या पैरों तले ज़मी हैं?
...या मैंने मैंने शराब पी हैं

3 comments:

Artist Ajit said...

"har baat tere labo ki,
muze ashaar si lage hai,
tune sharab pi hai,
ya maine sharab pi hai"

Awesome.... beautiful lines dear.

Anonymous said...
This comment has been removed by a blog administrator.
Anonymous said...

http://kashishhh.blogspot.com/2010/02/kya-tune-sharab-pi-hai.html

Sar-bastayen muddat-ul-umr ki be-honshi mein sunagaye
Yun mere haathon se diya aab woh madira banagaye


Woh sharab nahi tha :">:">